હાસ્ય દરબાર

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करवा चौथ

एक  दिन चित्रगुप्त ने  ब्रह्माजी से प्रार्थना की – “प्रभु, ये ‘करवा चौथ के व्रत से सात जनम तक एक ही पति’ मिलने वाली योजना
बंद कर दीजाए !”   ब्रह्माजी – “क्यों  ?”
चित्रगुप्त – “प्रभु, मैनेज करना कठिन होता जा रहा है … औरत सातों जनम वही पति मांगती हैं लेकिन पुरुष हर बार दूसरी औरत मांगता  है …
बहुत दिक्कत हो रही  है समझाने में !”

ब्रह्माजी – “लेकिन यह  स्कीम आदिकाल से चली आ रही है इसे बंद नहीं किया जा सकता !”
तभी  नारद मुनि आ गए.  उन्होंने सुझाव दिया कि पृथ्वी पर श्री संता सिंह नाम के एक महान विचारक रहते हैं. उनसे जाकर सलाह ली  जाये.
चित्रगुप्त श्री संता सिंह के पास गए.

संता  सिंह ने एक पल में समस्या का समाधान कर दिया –   “जो भी औरत सातों जनम वही पति डिमांड करे … उसे दे दो.
लेकिन शर्त ये लगा दो कि  यदि पति वही चाहिए तो “सास” भी वही मिलेगी !!!”

” डिमांड बंद ..”

4 responses to “करवा चौथ

  1. vkvora Atheist Rationalist September 10, 2014 at 9:38 am

    लगता है संतासींहको घर पर मार पडी होगी….

  2. mdgandhi21, U.S.A. September 9, 2014 at 7:34 pm

    कोई कोई सरदारजी महा “बुध्धिशाली” भी होते है, यह साबित हो गया……!!!!!

    असलमें तो औरत वही पति जनमोजनम ईसी लिये मांगती है कि एक जनममें पतिके पीछे ईतनी महेनत करी है, कि नये जनममें वापिस करनी न पडे…….

  3. pragnaju September 9, 2014 at 7:24 am

    लेकिन शर्त ये लगा दो कि यदि पति वही चाहिए तो “सास” भी वही मिलेगी !
    सास बहु मंदिर ग्वालियर किले के पूर्वी ओर है। विडंबना यह है कि जैसा नाम से ज्ञात होता है कि यह मंदिर सास और बहु का नहीं है। यह नाम सहस्त्रबाहु नाम से निकला है जो भगवान विष्णु का दूसरा नाम है। इसके दरवाज़े पर भगवान ब्रम्हा, भगवान विष्णु और देवी की नक्काशियां की हुई हैं।

  4. સુરેશ September 9, 2014 at 6:56 am

    वाह! क्या भेजा लगाया? !!

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