હાસ્ય દરબાર

ગુજરાતી બ્લોગ જગતમાં રોજ નવી જોક અને હાસ્યનું હુલ્લડ

शर्त

एक दिन चित्रगुप्त ब्रम्हाजी के पास एक रिक्वेस्ट ले कर आए कि प्रभु जी ये करवाचौथ के सातों जन्म वही पति स्कीम बंद कर दी जाए..
ब्रम्हाजी ने पुछा – क्यों क्या हुआ ???.
चित्रगुप्त – प्रभु जी ट्रेक रखना कठिन होता है |
औरत वही पति बार बार माँगती है और आदमी हमेशा दुसरे जोड़ीदार की डिमांड करता रहता है. मैनेज करना कठिन होता जा रहा है !
तब महामुनि नारदजी ने उपाय दिया कि मृत्यु लोक में चाहर नाम के एक मजाकिया विचारक रहते हैं उनसे सलाह ली जाए..
सुझाया : जो भी पत्नी सातों जनम वही पति डिमांड करे
उसे दे दो……….
पर शर्त ये रहेगी कि अगर पति वही चाहिए,
तो सास भी वही मिलेगी.

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3 responses to “शर्त

  1. pragnaju મે 3, 2014 પર 11:16 એ એમ (am)

    सास भी वही मिलेगी.तो तो तो
    एक सयानी सास ने नई-नई आई बहू से
    पूछा –
    “बहू, मान लो अगर तुम पलंग पर
    बैठी हो और मैं
    भी उस पर आकर बैठ जाऊं तो तुम
    क्या करोगी ?”
    बहू – “तो मैं उठकर सोफे पर बैठ
    जाऊंगी.”
    सास – “और अगर मैं भी आकर सोफे पर
    बैठ
    जाऊं तो क्या करोगी ?”
    बहू – “तो मैं फर्श पर चटाई बिछाकर बैठ
    जाऊंगी.”
    सास – “और अगर मैं भी चटाई पर आ
    जाऊं
    तो फिर क्या करोगी ?”
    बहू – “तो मैं जमीन पर बैठ
    जाऊंगी.”
    सास मजे लेते हुए आगे बोली – “और मैं
    जमीन
    पर भी तुम्हारे बगल में बैठ गई
    तो क्या करोगी ?”
    बहू (खीझ कर ) – “तो मैं
    जमीन में गड्ढा खोद
    कर उसमें बैठ जाऊंगी.”
    सास – “और अगर मैं गड्ढे में भी आकर
    बैठ गई
    तो ?”
    बहू – “तो मैं ऊपर से मिट्टी डालकर
    सिलसिला खत्म कर दूँगी … !

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