सुन ले बापु ये पैगाम, मेरी चिठ्ठी तेरे नाम
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चिठ्ठी मैं सबसे पेहले लिखता तुजको राम राम
लिखता तुजको राम राम सुन ले बापु ये पैगाम…
काला धन काला व्यापार, रिश्वत के है गरम बाज़ार, सत्य अहिंसा करे पुकार,
तुट गये चरखे के तार, तेरे अनशन सत्याग्रह के बदल गये असली बर्ताव
इक् नई विद्या उपजी जीसको केहते है घेराव, तेरी कठीन तपस्या का ये कैसा नीकला अंजाम…
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प्रांत प्रांत से टकराता है, माया पर भाषा की लात, मैं पंजाबी तु बंगाली, कौन करे भारत की बात,
- तेरी हिन्दी की पांव में अंग्रेजी ने डाली डोर, तेरी लकडी ठगो ने ठग ली,
तेरी बकरी ले गये चोर, सबरमती सिसकती तेरी, तडप रहा है सेवाग्राम…
रामराज की तेरी कल्पना उडी हवा मैं बनके कपूर, बच्चों ने पठना छोडा,
तोड फोड मैं हे मगरूर , नेता हो गये डाल-बडालु, देश की पघडी रहे उछाल
तेरे पूत बिगड गये बापु, दारु बन्धी हुइ हालाल, तेरे राजघाट पे फिर भी फुल चढाते सुभह शाम…
सुन ले बापु ये पैगाम, मेरी चिठ्ठी तेरे नाम चिठ्ठी मैं सबसे पेहले लिखता तुजको राम राम
लिखता तुजको राम राम सुन ले बापु ये पैगाम…
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આ ગીત ની રચના મોકલવા બદલ મિત્ર શ્રી નિરજભાઇ શાહ ( લંડન ) નો ખુબ ખુબ આભાર..
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3 responses so far ↓
મગજના ડોક્ટર // October 1, 2007 at 8:52 pm
DEAR CHATU YOU ARE COMMING IN MY HASYADARBAR ON THE SECOND YEAR OF THIS BLOG. THANKS AND REGARDS.
RAJENDRA-SURESH AND MAHENDRA
chetu // October 2, 2007 at 7:20 am
પુજ્ય રાજેન્દ્ર અંકલ , પુજ્ય દાદા તથા પુજ્ય મહેન્દ્ર ભાઇ,
આપે સૂર સરગમ ની પોસ્ટ ને હાસ્ય દરબાર માં સ્થાન આપ્યું એ બદલ આપનો ખુબ ખુબ આભાર..
મગજના ડોક્ટર // October 2, 2007 at 9:37 am
‘सुन ले बापु..’ ની આખી કટાક્ષમય રચના વાંચી. એક્દમ સરસ છે.
I THANK MRS CHETANA TO PUT IN ONE OF THE BLOG THIS POEM.
WE ARE CHETU TO WORK AS A TEAM PLAYER WHO KNOWS HOW TO BE THE TEAM PLAYER IN BLOGERS WORLD.
GOOD LUCK “CHETU”
THE TRIVEDIS LOVE YOU.
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